- महाकाल मंदिर पहुंचे अनुपम खेर, शुभांगी दत्त और सिंगर अमित भल्ला: अलग-अलग आरतियों में हुए शामिल, नंदी हॉल में किया पूजन; मांगी मनोकामना
- सिंहस्थ 2028 से पहले कार्रवाई तेज: उज्जैन में 4 अवैध निर्माण ढहाए, 3 को मिला 2 दिन का समय
- महाकाल में भस्म आरती: पंचामृत अभिषेक के बाद राजा स्वरूप में दिए दर्शन, गूंजा जयकारा
- उज्जैन में फिरोजिया ट्रॉफी फाइनल देखने पहुंचे CM मोहन यादव: विजेता को ₹1 लाख, उपविजेता को ₹51 हजार अतिरिक्त इनाम
- सिंहस्थ 2028 से पहले उज्जैन को नई सौगात: CM मोहन यादव ने 18 करोड़ की सड़क का किया लोकार्पण, कहा - सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखकर हो रहा विकास
आज से खुलेंगे कॉलेज:कॉलेज जा रहे हैं तो अपने साथ वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट और पैरेंट्स की सहमति जरूर रखें
विक्रम विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों में आज से पढ़ाई शुरू हो जाएगी। फिलहाल छात्रों की 50 फीसदी क्षमता के साथ कॉलेज खोले जाएंगे, लेकिन टीचिंग और क्लेरिकल स्टाफ की शत प्रतिशत मौजूदगी अनिवार्य रहेगी। कॉलेज में प्रवेश केवल उन्हीं छात्रों को मिलेगा, जिन्होंने कोरोना वैक्सीन का कम से कम एक डोज लगवा लिया है। छात्रों को प्रवेश से पहले यह सर्टिफिकेट दिखाना होगा।
विक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अखिलेश कुमार पांडेय ने बताया कि एक बार सर्टिफिकेट दिखाने के बाद नाम रजिस्टर में लिख लिया जाएगा। इसके बाद वैक्सीन सर्टिफिकेट की आवश्यकता नहीं रहेगी। कोरोना वैक्सीन लगवान के बाद ही कक्षाओं में बैठने की मंजूरी दी जाएगी। कॉलेज की लाइब्रेरी भी खोली जाएगी। कुल क्षमता के 50% ही छात्र वहां मौजूद रह सकेंगे।
प्रो. पांडेय ने बताया कि विवि ने क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटी का गठन किया है, जो कॉलेजों में कोविड-19 की गाइडलाइन का पालन कराएगी। वहां आने वाले छात्रों व स्टाफ के वैक्सीन की जानकारी भी ली जाएगी। यदि कहीं जरूरी हुआ तो हम वैक्सीनेशन कैंप भी लगवाएंगे।
हालांकि अभी प्रारंभिक तौर पर कुछ ही कॉलेज खोले जाएंगे। विवि ने जो नए पाठ्यक्रम शुरू किए हैं, उनमें छात्रों की संख्या जहां कम होगी वहां सभी को बुलाया जा सकता है। हमारे कुछ पाठ्यक्रमों में 1 अक्टूबर से ही पढ़ाई शुरू होगी, इसलिए वहां के बारे हमने अभी कोई प्लान नहीं बनाया है। जिन कक्षाओं में छात्र संख्या अधिक होगी वहां 50 फीसदी क्षमता के साथ ही बुलाएंगे। लेकिन ये निर्णय क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटी करेगी।
ये सावधानी रखी जाएगी –
– कॉलेज/छात्रावास में विद्यार्थियों और स्थानीय स्टाफ को ही प्रवेश मिलेगा।
– अभिभावकों की लिखित सहमति के आधार पर ही विद्यार्थियों को कॉलेज/छात्रावास में प्रवेश मिलेगा।
– कॉलेज/छात्रावास परिसर में प्रवेश से पहले सोशल डिस्टेंसिंग सैनिटाइजेशन और सभी विद्यार्थियों की थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी।